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Bhakti Darpan: About Us

What is the BhaktiDarpan?

Jai SiyaRaam,

भक्ति दर्पण के सभी विजीटरों/ सदस्यों को यहाँ पधारने के लिये धन्यवाद!!!

हमारा देश (भारत) ॠषि-मुनियों का देश है, भारत मे उनके सिखाये आदर्शो की आज भी उतनी ही महत्ता है। उन्होने प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने कार्य मे लगे होकर भी थोड़ा समय ईश्वर भक्ति मे लगाने की सलाह दि है।
इस वेबसाईट पर स्त्रोत्र, चालिसा, पुजा मंत्र, रक्षा मंत्र आदि उपलब्ध है, प्रत्येक साधक अपनी रुचि और समयानुसार पाठ-पूजन कर सकता है।
इस वेबसाईट के द्वारा हमने कोशीश कि है की आपको प्रभुभक्ति के लिये आवश्यक हर पठन सामग्री उपलब्ध करा सकें तथा साधक का अपने प्रभु के प्रति समर्पण बढे यही हमारा उद्देश्य हैं।
यदि आपको इस वेबसाईट मे कुछ कमी या कुछ और पठन सामग्री कि आवश्यकता हो तो कृपया हमसे निम्न लिंक द्वारा संपर्क करें। Contact us >>>

राम नाम कि महत्ता :
हम सभी हमेशा कुछ ना कुछ सोचते रहते है, हमारे मन और मष्तिष्क मे कुछ ना कुछ विचार चलता ही रहता है। कोई पैसो कि तंगी के कारण रुपये-पैसे कमाने के नये-नये तरीको के बारे मे सोच रहा होता है, कोई अपनी परेशानीयों से दुःखी होकर उनसे कब छुटकारा मिलेगा; यह सोच रहा होता है, कोई नये-पुराने (अपने पसंदिदा) गाने गुनगुना रहा होता है, कोई किसी को देखकर सोचता है; कि काश मै ऐसा होता, कोई अपने पडोसी-रिश्तेदारों के बारे मे सोच रहा होता है......!
ऐसी कई बाते हम सभी के मन और मष्तिष्क मे चलती ही रहती है, पर ईन सब बातों के बारे मे सोचने का फायदा क्या? सोचना है, चिंतन करना है, तो एसी चिज के बारे मे सोचो जिससे आपका लोक और परलोक दोनो सुधर जाऐ।
यदि आप ईन सब बातों को भुल कर केवल "राम", "सिताराम", "सियाराम" किसी भी रुप मे भगवद-नाम का जप करेंगें तो आपको, आपके परिवार को एवं साथ ही साथ आपके संपर्क मे आने वालों को भी ईसका लाभ मिलेगा। इसके कुछ लाभ ईस प्रकार है:
1- हमारी धार्मिक किताबों/ ग्रन्थो मे भी लिखा है "राम रामेति रमे रामे मनोरमे, सहस्त्रनामत्तुल्यं रामनाम वरानने।" आर्थात शिवजि ने पार्वतीजि से बोले – हे सुमुखी ! राम- नाम ‘विष्णुजी के सहस्त्रनामों’ के समान हैं। मैं सदा राम का स्तवन करता हूँ, और राम-नाम में ही रमण करता हूँ।, ईस प्रकार केवल एक "राम" नाम लेने से विष्णुजी के सहस्त्रनामों को जपने का फल मिलेगा।

2- ध्यान योग का भी आंशिक लाभ होगा, क्यों कि इससे आप 24 घंटे लगभग ध्यान मे ही रहेंगे, फिर भी आपना सारा काम दुगनी गती से पुरा कर सकेंगे क्योंकि आपका मष्तिष्क पुर्णतः तनावमुक्त (StressFree) होगा।

3- आपको यदि डिप्रेशन कि शिकायत है, तो नहीं रहेगी।

4- मष्तिष्क कि ध्यान-क्षमता (Consntretion) बढेगा।

5- समय भी आपके आनुसार चलने लगेगा, क्योंकि आप बेमतलब कि चिजों के बारे में सोचेंगे ही नहिं।

6- आपके जीवन कि आधी से ज्यादा परेशानीयाँ स्वतः खत्म हो जायेगी।

7- जब आप आनावश्यक बातों के बारे मे सोचना बंद कर देंगे तो, आपको अपने जीवन को एक नये तरीके से देखने मे मदद मिलेगी।

8- आप कई छोटी-मोटी बिमारियों को अपने से दुर रख पायेंगे, क्योंकि अधिकांश बिमारियाँ तो हमारी बेमतलब कि चिन्ता के कारण ही होती है।

ऐसे और भी कई लाभ है, जो आप स्वयं ही अनुभव करेंगे। तो आप अपना जाप कबसे शुरु कर रहें है!
॥ जय सियाराम ॥

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