दिवाली, दिए जलाने और पटाखे फोड़ने से अधिक कुछ और है । मात्र "प्रकाश के अंधकार और अच्छाई की बुराई प.....
 
दिवाली का वास्तविक अर्थ
दिवाली, दिए जलाने और पटाखे फोड़ने से अधिक कुछ और है । मात्र "प्रकाश के अंधकार और अच्छाई की बुराई पर विजय" से कुछ अधिक।

वास्तव में रावण तो हमारे अंदर ही है, इस दिवाली पर भी अगर हम इस बात पर विचार नहीं करेंगे तो श्री राम को हम कैसे, दिए और पटाखे जलाकर, मिठाइयाँ खाकर, नए कपड़े पहनकर अपने हृदय में आमंत्रित करेंगे । मात्र कुछ कर्मकांड, पूजा-पाठ, साज-सज्जा करना और हृदय की मलिनता वैसे की वैसे ही बनाये रखने से क्या लाभ । हमारा हृदय अयोध्या के समान प्रकाशमान होना चाहिए तभी सही मायने में हम भगवान को उसमे आमंत्रित करने लायक हैं, आसुरी प्रवृत्तियों के अन्धकार में नहीं ।

कलियुग में काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर्य के रूप में हम सबके हृदयों में रावण का वास है और इस रावण का वध करने के लिए भगवान राम हरिनाम के रूप में अवतरित हुए हैं । हम सभी किसी न किसी रूप में इन आसुरी प्रवृत्तियों को अपने हृदय में स्थान देकर भोगी (रावण) बने घूम रहे हैं ।

इस दिवाली, आइये हम सभी हरे कृष्ण महामंत्र द्वारा आसुरी प्रवृत्तियों का वध करके भगवान राम को अपने हृदय के सिंहासन पर विराजित करें । तब जाकर यह दिवाली सही अर्थ में शुभ दिवाली होगी ।

महामंत्र:
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ॥
जपिए और सदैव प्रसन्न रहिये ।


दीपावली के 5 अत्यंत सरल और अचूक प्रयोग

दीपावली की रात्रि में समस्त असुरिय शक्ति मदहोश रहती है। इसलिए इस दिन किसी प्रकार की साधना की जाए तो वह सफल होती है। इस दिन विघ्न पैदा करने वाली ताकतें निष्प्रभावी रहती हैं। में यहां कुछ ऐसे प्रयोग बता रहे हूँ जिससे आपको फल अधिक मिलें व प्रयास कम हों। आप कोई भी एक या सब प्रयोग कर सकते हैं। 

1. दीपावली के दिन सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन के सूर्योदय तक अखंड दीपक जलाएं।

2. कमल गट्टे की माला से रात्रि को ॐ कमलायै नमः इस मंत्र की 41 माला जप करें। 

3. दीपावली के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करके रात्रि में महालक्ष्मी स्रोत, विष्णु सहस्रनाम, गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें। 

4. लक्ष्मी पूजन करके तिजोरी में 5 कमल गट्टे, 1 खड़ी हल्दी, थोड़ा-सा खड़ा धनिया, खड़ी सुपारी, एक सिक्का रखें जो वर्ष पर्यंत तक रहे।

5. दीपावली की रात्रि उपरांत सूर्योदय के पूर्व घर की झाडू लगाकर घर के बाहर सारा कचरा डालकर के दरिद्रता को बाहर करें। यह कार्य अंधेरे में गुप्त रूप से करें। Posted at 30 Oct 2018 by admin
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