पति पत्नी मे विवाद होना सामान्य बात है , होना भी चाहिए ... किन्तु आजकल यह अधिक विवाद होते रहते हैं , .....
 
सुखी दाम्पत्य जीवन के अचूक उपाय
पति पत्नी मे विवाद होना सामान्य बात है , होना भी चाहिए ... किन्तु आजकल यह अधिक विवाद होते रहते हैं , कई बार विवाद , मानसिक क्लेश का कारण बन अलगाव तक पहुँच जाते हैं। पति और पत्नि एक गाड़ी के दो पहिये होते हैं , यानी एक-दूसरे के बिना वे अधूरे हैं। पति पत्नि , दोनों को एक दूसरे के सुख व आनंद के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। नवरात्र के विशेष ऊर्जावान दिनों मे इसका उपाय करने से आशातीत सफलता मिलना संभव है।
सुखी दाम्पत्य जीवन के अचूक उपाय -
1 - रामचरित मानस का प्रत्येक दोहा और चौपाई एक साबर मंत्र है। यदि जीवनसाथी से अनबन होती रहती है तो नवरात्र के किसी भी दिन , नीचे लिखे मंत्र को पढ़ते हुए 108 बार अग्नि में घी से आहुतियां दें , इससे यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा। शुक्रवार उत्तम दिन है। नित्य सुबह उठकर पूजा के समय इस मंत्र को 21 बार पढ़ें। यदि संभव हो तो अपने जीवनसाथी से भी इस मंत्र का जप करने के लिए कहें -
सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।
2 - नवरात्र के दिनों मे प्रतिदिन सांयकाल मे भगवान लक्ष्मीनारायण के मंदिर मे दर्शन के लिए जाएँ और वहां उन्हें बेसन के लड्डुओं को प्रसाद चढ़ाएं। इससे शीघ्र ही पति पत्नि के मध्य वैचारिक सामंजस्य अच्छा रहने लगेगा।
3 - प्रतिदिन सुबह-शाम यदि घर मे शंख बजायें अथवा गायत्री मंत्र का जप करें, गृहक्लेश समाप्त होगा।
4 - दांपत्य जीवन मे मतभेद का कारक राहू माना गया है, यदि कुंडली मे राहु के कारण यदि दाम्पत्य जीवन मे मतभेद हो रहे हो तो मां सरस्वती की पूजा करें। उन्हें नीले रंग का पुष्प अर्पित करें और सरस्वती चालीसा का पाठ करें। गोमेद तब तक धारण न करें जब तक कि सम्बन्धों मे सुधार न जाये।
5 - यदि परिवार के सदस्यों के मध्य मतभेद या विवाद हो तो नवरात्रि मे प्रतिदिन इस मंत्र को स्फटिक की माला से भगवान राम और माता सीता के सम्मुख 3 मालायें जप करें। इसके बाद अंतिम नवरात्र को इस मंत्र का उच्चारण करते हुए 11 बार घी से अग्नि में आहुति प्रदान करें। भगवान को खीर का भोग लगायें।
जब ते राम ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाए।।
उक्त प्रयास यदि पत्नि करे तो अधिक उत्तम है।
पति को भी दांपत्य के प्रति समर्पित होना आवश्यक है
इस मंत्र का नवरात्र से आरंभ कर 41 दिन तक नियमित 1 माला का जप अभूतपूर्व परिवर्तन ला सकता है -
ॐ पत्नी मनोरमां देहि मनोवृतानु सारिणीम्। तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्-भवाम्।।Posted at 30 Oct 2018 by admin
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