कभी-कभी भूख न लगना, गलत-खान पान और लापरवाही आदि के कारण पेट में दूषित वायु इकट्ठी हो जाती है, जो आध.....
 
वायु गैस या अफारा
कभी-कभी भूख न लगना, गलत-खान पान और लापरवाही आदि के कारण पेट में दूषित वायु इकट्ठी हो जाती है, जो आध्यमान या अफारा को पैदा करती है, इसके परिणामस्वरूप पेट की नसों में खिंचाव महसूस होने लगता है। ऐसी अवस्था में मरीज बेचैन हो उठता है। पेट फूलने लगता है। जब यह गैस (अफारा) ऊपर की ओर बढ़ने लगती है तो हृदय पर दबाब बढ़ता है जिससे घबराहट सी महसूस होती है। यह गैस जब पेट में काफी समय तक रुक जाती है तो पेट में काफी दर्द करती है, जिसे अफारा या पेट में गैस का बनना कहते है।

पेट में गैस बनने के घरेलू उपचार:-
1/2 चम्‍मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटी हींग और सेंधा नमक मिला कर एक कप गरम पानी में डाल कर पीएं।
सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम और एरण्ड का तेल 8 ग्राम सेवन करने से कब्ज के कारण होने वाला आध्यमान (अफारा) ठीक हो जाता है।
सोंठ का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम भाग में कालानमक मिलाकर सुबह और शाम लेने से लाभ होता है।
सोंठ और कायफल को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से गैस मिट जाती है।
भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाए तो लाभ अधिक मिलता है। पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
कुछ ताजा अदरक स्‍लाइस की हुई नींबू के रस में भिगो कर भोजन के बाद चूसने से राहत मिलेगी।
पेट में या आंतों में ऐंठन होने पर एक छोटा चम्मच अजवाइन में थोड़ा नमक मिलाकर गर्म पानी में लेने पर लाभ मिलता है। बच्चों को अजवायन थोड़ी दें।
भोजन के एक घंटे बाद 1 चम्‍मच काली मिर्च, 1 चम्‍मच सूखी अदरक और 1 चम्‍मच इलायची के दानो को 1/2 चम्‍मच पानी के साथ मिला कर पिएं। * वायु समस्या होने पर हरड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिक्स कर खाना चाहिए।
अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में पीस लें। बड़ों के लिए दो से छह ग्राम, खाने के तुरंत बाद पानी से लें। बच्चों के लिए मात्रा कम कर दें।
अदरक के छोटे टुकड़े कर उस पर नमक छिड़क कर दिन में कई बार उसका सेवन करें। गैस परेशानी से छुटकारा मिलेगा, शरीर हलका होगा और भूख खुलकर लगेगी। 
पेट में वायु-गैस बनने की अवस्था में भोजन के बाद 125 ग्राम दही के मट्ठे में दो ग्राम अजवायन और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से वायु-गैस मिटती है। सप्ताह-दो सप्ताह आवश्यकतानुसार दिन के भोजन के पश्चात लें। इससे वायु-गोला, अफारा के अतिरिक्त कब्ज भी दूर होती है।
तारपीन के तेल की 60 से 120 बूंद को साबुन के घोल में मिलाकर बस्ति (एक क्रिया जिसमें गुदा मार्ग से पानी डालते हैं) देने से पेट की गैस दूर हो जाती है।
बैंगन को अंगारों पर सेंककर उसमें सज्जीखार मिलाकर पेट पर बांधने से, पेट में भार हो गया हो तो वह दूर होता है।
बैंगन की सब्जी में ताजे लहसुन और हींग का छौंक लगाकर खाने से आध्यमान (अफारा, गैस) को होने से रोकता है।
पेट में गैस या अफारा यदि ज्यादा परेशानी का कारण बन जाए तो सूखे धनिये, इलायची और हल्दी का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
गैस की समस्या को दूर करने के लिए त्रिफला सबसे अधिक अचूक दवा होती है। इससे गैस और अपच पेट के विकारों से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। त्रिफाल का एक चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ लें इससे गैस की समस्या दूर हो सकती है।
3 ग्राम कालीमिर्च और 6 ग्राम मिश्री को पीसकर फंकी के द्वारा लें और ऊपर से पानी पी लें।
गुड़ और मेथी दाना को उबालकर पीने से अफारा मिट जाता है।
मेथी 250 ग्राम और सोया 250 ग्राम को लेकर, दोनों को तवे पर सेंक लें, मोटा-मोटा कूटकर (अधकुटा) करके 5-5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से वायु, लार की अधिकता, अफारा (पेट में गैस का बनना), खट्टी हिचकियां और डकारें आने का कष्ट मिट जाता है

तत्काल लाभ के लिए :-
एक दो लहसुन की फांकें छीलकर बीज निकाली हुई मुनक्का में लपेटकर, भोजन करने के बाद, चबाकर निगल जाने से थोड़े समय में ही पेट में रुकी हवा निकल जायेगी। 
Posted at 30 Oct 2018 by admin
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