गौमय भस्म ( गौबर की भस्म ) से बनी आैषधी कीसी वरदान से कम नही| वैसे आधुनिक लाइफ स्टाइल वाले लोग गाय .....
 
गौमय भस्म ( गौबर की भस्म )
गौमय भस्म ( गौबर की भस्म ) से बनी आैषधी कीसी वरदान से कम नही|

वैसे आधुनिक लाइफ स्टाइल वाले लोग गाय से वं गाय के मूञ वं गायके गोबर से नफरत करते थे आैर गौसेवा करने वालो को गवार कहते थकते नही थे वही लोग जब असाध्य बिमारी की चपेट मे आते है तब उनके पास गौपैथी चिकित्सा के अलावा कोइ विकल्प ही नही बचतां गौपैथी की शरण मे आकर वह लाइलाज बिमारी को भी मात दे सकते है |

गौपैथी ने दियां है आर-आे सीस्टम को मूंहतोड जवाब | आरआे के पानी मे भी बनां सकतां है सभी मिनरल्स वं शरीरके जरुरी पोषकतत्वो की कमी पुरी कर सकतां है यह चमत्कारी गौमय भस्म, गौमय भस्म से हमारे शरीरको मिलने वाले खनीज वं मिनरल्स के बारे मेआइये जानते है इस मेसेज के माध्यम से-

oxygen 46.6%

Silicon 30.12%

Calcium 7.71%

Magnesium 2.63%

Potassium. 2.61%

Chlorine 2.43%

Aluminum 2.11%

Phosphorus. 1.71%

Iron. 1.46%

Sulpher. 1.12%

Sodium. 01%

Titanium 0.19%

Manganese. 0.13%

Berium. 0.06%

Zinc. 0.03%

Strontium 0.02%

Lead. 0.02%

Copper. 80.0 PPM

Vanadium. 72% PPM

Bromine. 50% PPM

Zirconium. 38% PPM

Rubidium 29% PPM

आइजे जानते है कैसै बनाये गौमय भस्म

देशी गीर गाय जो की हरा धांस-चारा खाती हो उसका गोबर सुखाकर कलेक्ट कर लिजिये आैर सुखा दिजिये | सुख जाने के बाद उन सुखे गोबर को जलाकर भस्म बनां लिजिये | आैर कांच के डब्बे मे पैक कर के रख दिजिये |

जानते है की कैसे करे उपयोग गौमय भस्म का

१ चम्मच गोबर भस्म लेकर कोटन के सफेद कपडे मे लेकर कपडे के अंदर बांध दिजिये | आैर वह गोबर भस्म को जीसमे बांधा है वह कपडां गोबर भस्म सहीत ऐक मटके मे डाल दिजिये आैर वह पानी पीने से सभी मिनरल्स वं पोषक तत्व की पुर्ती होती है | आैर हां पोटली ( मतलब गोबर भस्म को बांधने के लिये लियां गयां कोटन का टुकडा ) के अंदर की गोबर भस्म रोज बदलते रहीये | यह पानी पीने योग्य हो गयां है अब इसका सेवन करीये | Posted at 23 Apr 2020 by admin
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