पौराणिक समय से आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। .....
 
शरद पूर्णिमा
पौराणिक समय से आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यही अकेला ऐसा पर्व है दो रात में मनाया जाता है। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमा पूर्ण सोलह कलाओं से युक्त होता है। इसीलिए श्रीकृष्ण ने महारास लीला के लिए इस रात्रि को चुना था। इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है और मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं। इस दिन मां खीर बनाई जाती है और इसे खुले आकाश के नीचे रखा जाता है।

इसके बाद प्रसाद के रुप में वितरण किया जाता है। यही नहीं वैज्ञानिकों की मानें तो शरद पूर्णिमा स्वास्थ्य और सकारात्मकता प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस दिन मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए कोजागर व्रत रखा जाता है। इसलिए इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। यही नहीं इस पूर्णिमा का संबंध भगवान शिव से भी है। इसके अलावा इस दिन दान का भी महत्व है और लोगों गंगा स्नान भी करते हैं। जानें और क्यों महव्वपूर्ण है शरद पूर्णिमा:

1. शास्त्रों में कहा गया है कि मां लक्ष्मी दीपावली के पंद्रह दिन यानी शरद पूर्णिमा के दिन पहले रात्रि के समय पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और पूछती हैं- को जागृति? अर्थात कौन जाग रहा है? और जो भी जाग रहा होता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है। इसलिए शरद पूर्णिमा पर लोग रात भर जागते हैं और मां की आराधना करते हैं।

2.शरद पूर्णिमा के दिन शास्त्रों में कहा गया है भगवान शिव के मस्तक पर टेढ़ा चंद्र शोभायमान होता है इसलिए इस दिन शिवजी को खीर को भोग लगाने का विधान। कहा जाता है इससे मानसिक और शारिरिक रुप से लाभ होता है।

3.शरद पूर्णिमा बृजवासियों में खासी लोकप्रिय है। कहा जाता है कि इस रात कृष्ण ने गोपियों के साथ रास नृत्य किया था। श्रीकृष्ण द्वारा खेली गई लीला, जिसे महारास लीला कहते हैं, को समझने की दो दृष्टियां हो सकती हैं। एक तो यह कि सारा ब्रह्मांड नृत्य रत है, बीच में प्रकाश पुंज स्वरूप कृष्ण तत्व स्थिर है और समस्त तारामंडल हैं बृज की गोपियां। इसी दृश्य की तुलना वृंदावन में हुए महारास से की जा सकती है। दूसरा अर्थ है इंद्रियों से बंधे जीव का पूर्ण पुरुष कृष्ण के साथ नर्तन।

4. इस दिन लोग गंगा तटों पर स्नान करते हैं कहते है इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस रात्रि को चंद्रमा की सोलह कलाओं की शीतलता का संयोग देखते ही बनता है। Posted at 03 Nov 2018 by Admin
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