हमारे घर परिवार में अक्सर रोना अच्छा नहीं माना जाता है। इसे हम अपशकुन समझते हैं लेकिन हाल ही में.....
 
रोना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
हमारे घर परिवार में अक्सर रोना अच्छा नहीं माना जाता है। इसे हम अपशकुन समझते हैं लेकिन हाल ही में हुए एक मनोवैज्ञानिकों के शोध मै कहा है कि रोना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जिससे आप कई तरह की समस्याओं से आसानी से बच सकते हो। रोना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जो इंसान के अंदर किसी दर्द व परेशानी की वजह से आंसू निकल आते हैं। ऐसे में यह कई तरह से हमें फायदा देता है।क्या क्या होते हैं रोने के स्वास्थवर्धक फायदे।

1. तनाव से छुटकारा :-आंसू जब निकलते हैं तभी नकारात्मक उर्जा व विचार भी निकल जाते हैं और इंसान अपने आप को तनाव रहित और हल्का महसूस करने लगता है।

2. बैक्टीरिया का अंत :-रोने से आंखों में जमी धूल मिट्टी व अन्य खतरनाक तत्व भी आंसूओं के साथ निकल जाते हैं और आंखे नम और साफ हो जाती हैं। जिस वजह से आंखों को किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। आखें स्वस्थ भी रहती हैं।

3. उच्च रक्तचाप मे कमी :-रोने से न सिर्फ तनाव कम होता है बल्कि यह उच्च रक्तचाप यनि हाई ब्लड प्रेशर को भी ठीक हो जाते है।

4. दिल की बीमारी :-आंखों से आंसू निकलने से दिल का बोझ हल्का होता है और किसी भी बात का जोर दिल पर नहीं पड़ता है जिसकी वजह से दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी कम हो जाता है।

5 आंखों की रोशनी मै वृद्धि :-मनोचिकित्सकों के अनुसार रोने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। एैसा तभी होता है, जब आंसूओं से आंखों की पुतलियों , में झिल्ली में नमी और चिकनाई आने से होता है।

6. महिलाओं को रोने के फायदे :-अक्सर महिलाएं पुरूषों के मुकाबलें अधिक रोती हैं जिससे वे दिल से सबंधित किसी भी तरह की परेशानियों से बची रहती है।

7. मिजाज ठीक होगा :-रोने से इंसान का मिजाज यानि मूड ठीक और हल्का हो जाता है और जिससे उसका माहौल भी खुशी का रहता है।

8. आंखों के रोगो से निजात :-मनोचिकित्सों के अनुसार जब इंसान दुखी होने की वजह से अधिक रोता है तब उसके शरीर में कुछ टाक्सिक बनते हैं जो कि एक तरह का केमिकल होता है। वह आंसूओं के रास्ते बहार आ जाता है और आंखों के रोगों से बचाव हो जाता है।

रोने के फायदे तब जरूरी होते हैं जब आप बेहद दुखी होकर अकेले में जाकर रोते हैं। हर उस बात पर आंसू निकालने की कोशिश करनी चाहिए जो अधिक आपको परेशान करती है। चाहे वह तनाव हो या किसी बात का गम इन्हें अपने आंसू के जरिए बाहर निकालें। अत्याधिक रोना भी सेहत के लिए गंभीर होता है। इसलिए सोच समझकर ही आपने आंसूओं का इस्तेमाल करें। तो अब आप किस बात का तनाव और चिंता लेकर रोना शुरू कर रहे हो।Posted at 23 Apr 2020 by admin
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