वजन घटाने और स्लिम दिखने की चाहत रखते हैं तो पान के पत्तोंसे बना यह नुस्खा मददगार है।आयुर्वेद म.....
 
पान के पत्ते से वजन घटाइये
वजन घटाने और स्लिम दिखने की चाहत रखते हैं तो पान के पत्तोंसे बना यह नुस्खा मददगार है।आयुर्वेद में पान के पत्तों को वजन घटाने के लिहाज से फायदेमंद माना गया है। इतना ही नहीं, इसका प्रभाव आठ हफ्तों में ही नजर आने लगता है।पान के पत्तों में मौजूद तत्व पाचन ठीक करते हैं, मेटाबॉलिज्म सही रखते हैं और एसिडिटी जैसी समस्याओं से दूर रखने में मदद करते हैं।

इसके सेवन से फैट्स अधिक बर्न होता है जिससे वजन घटाना आसान हो जाता है।

आयुर्वेद में पान के पत्तों को शरीर से विषाक्त पदार्थ हटाने में मददगार माना गया है जो वजन को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी है।

पान का एक हरा पत्ता लें और इसमें पांच काली मिर्च के दाने रखकर बांध लें। इसे देर तक मुंह में रखें (जिस तरह सामान्य पान रखते हैं)। मुंह में बनने वाली लार को पेट में जाने दें।

आठ हफ्तों तक रोज सुबह उठकर काली मिर्च युक्त पान का सेवन करें।

आयुर्वेद में इस विधि से पाचन ठीक रखने और टॉक्सिन दूर भगाने की बात कही गई है।

ध्यान रखें कि इस विधि से केवल पान के हरे पत्ते ही खाएं क्योंकि इनमें ही ये चिकित्सकीय गुण होते हैं। अगर आप पीले या पुराने हो चुके पान के पत्तों का सेवन इस तरह करेंगे तो पेट से जुड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, पान के पत्तों का काली मिर्च के साथ रोजसेवन करने पर आठ हफ्तों के बाद आपको अपने वजन में बदलाव महसूस होगा।

भारतीय संस्कृति में पान को हर तरह से शुभ माना जाता है। धर्म, संस्कार, आध्यात्मिक एवं तांत्रिक क्रियाओं में भी पान का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है।इसके अलावा पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके सेइस्तेमाल किया जाता है।

खाना खाने के बाद और मुंह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल लाभप्रद माना जाता है।

पान में दस ग्राम कपूर को लेकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है।

इसके इस्तेमाल में एक सावधानी रखना जरूरी होती है कि पान की पीक पेट में न जाने पाए।

इसके अलावा चोट लगने पर पान को गर्म करके परत-परत करके चोट वाली जगह पर बांध लेना चाहिए। इससे कुछ ही घंटों में दर्द दूर हो जाता है।

खांसी आती हो तो गर्म हल्दी को पान में लपेटकर चबाएं।

यदि खांसी रात में बढ़ जाती हो तो हल्दी की जगह इसमें अजवाइन डालकर चबाना चाहिए।

यदि किडनी खराब हो तो पान का इस्तेमाल बगैर कुछ मिलाए करना चाहिए। इस दौरान मसाले, मिर्च एवं शराब (मांस एवं अंडा भी) से पूरा परहेज रखना जरूरी है।

जलने या छाले पड़ने पर पान के रस को गर्म करके लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं।

पीलिया ज्वर और कब्ज में भी पान का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है।

जुकाम होने पर पान में लौंग डालकर खाने से जुकाम जल्दी पक जाता है।

श्वास नली की बीमारियों में भी पान का इस्तेमाल अत्यंत कारगर है। इसमें पान का तेल गर्म करके सीने पर लगातार एक हफ्ते तक लगाना चाहिए।

पान में पकी सुपारी व मुलेठी डालकर खाने से मन पर अच्छा असर पड़ता है।

यूं तो हमारे देश में कई तरह के पान मिलते हैं। इनमें मगही, बनारसी, गंगातीरी और देशी पान दवाइयों के रूप में ज्यादा कारगर सिद्ध होते हैं।

भूख बढ़ाने, प्यास बुझाने और मसूड़ों की समस्या से निजात पाने में बनारसी एवं देशी पान फायदेमंद साबित होता है।

Posted at 15 Nov 2018 by admin
FACEBOOK COMMENTES
  Share it --