आंखों में जलन होना, कम दिखाई देना, आंखों में जाले आना आदि ऐसी समस्याएं हैं जो आगे जाकर गंभीर रूप .....
 
चश्मे से छुटकारा पाने के गारंटेड टिप्स
आंखों में जलन होना, कम दिखाई देना, आंखों में जाले आना आदि ऐसी समस्याएं हैं जो आगे जाकर गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। इसीलिए जब भी आंखों में इस तरह की कोई तकलीफ ज्यादा महसूस हो तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। साथ ही रोजाना मुंह में पानी भर कर दिन में दो बार 25-50 बार आंखों पर पानी का छींटा मारें और अपनी आंखों का चेकअप दो-तीन महीने में करवाते रहें। 

ऑफिस में लगातार कम्प्यूटर स्क्रीन के सामने रहने के कारण या लगातार टी.वी. देखने के कारण आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती है। आंखें हमारे शरीर का बहुत संवेदनशील अंग है और यदि इसका ध्यान रखा जाए तो आंखों को हमेशा चश्मे से आजाद व बीमारियों से बचाकर रखा जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे नुस्खे जो आंखों की समस्या में रामबाण की तरह काम करते हैं। 

आंखों में जलन होना, कम दिखाई देना, आंखों में जाले आना आदि ऐसी समस्याएं हैं जो आगे जाकर गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। इसीलिए जब भी आंखों में इस तरह की कोई तकलीफ ज्यादा महसूस हो तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। साथ ही रोजाना मुंह में पानी भर कर दिन में दो बार 25-50 बार आंखों पर पानी का छींटा मारें और अपनी आंखों का चेकअप दो-तीन महीने में करवाते रहें। 

चश्मा न लगे व आंखे स्वस्थ रहें इसके लिए कुछ सावधानियां रखना भी जरुरी है। जैसे आंखों का मेकअप, काजल, तौलिए से रगड़ कर छुड़ाने का प्रयास ना करें। आंखो मे कोई दवा बिना परामर्श के न डालें। लेटकर टी.वी. न देखे, अंधेरे मे टी.वी. न देखें। 

चिंता, तनाव, अनिद्रा से बचें। आंखों में जलन हो या धूप से आए हो तो बर्फ के पानी की पट्टियां रखें। आंखों को फ्रेश रखने के लिए खीरे के रस में भिगोकर रुई फ्रिज में रखें। दोपहर को सोते समय आंखों पर रखें। गुलाब जल में रुई भिगो कर आंख पर रखें। 

सुबह ऑफिस आने से पहले उपयोग किए गए दो टी-बैग्स फ्रिज में रखना न भूलें और जब आप घर जाएं तो इन टी-बैग्स को आंखों पर कुछ मिनिटों के लिए रखें। यह आपकी थकी हुई आंखों को आराम देने के साथ-साथ उनकी सूजन भी कम करेगा। इसके अलावा धूप में जाएं तो सनग्लॉसेस लगाना न भूलें। 

अपने भोजन मे विटामिन ए व सी से भरपूर मात्रा मे ले हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, चिकन और दुग्ध उत्पादों को भी अपने आहार में शामिल करें।इससे आंखों की रोशनी तो बढ़ती ही है। साथ ही कम उम्र में चश्मा नहीं लगता व आंखों की कोई भी बीमारी होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। 

पैर के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करके सोएं। सुबह के समय नंगे पैर हरी घास पर चलें व नियमित रूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें आंखों की कमजोरी दूर हो जाएगी। 

एक चने के दाने जितनी फिटकरी को सेंककर सौ ग्राम गुलाबजल में डालें और रोजाना रात को सोते समय इस गुलाबजल की चार-पांच बूंद आंखों में डाले साथ पैर के तलवों पर घी की मालिश करें इससे चश्में के नंबर कम हो जाते हैं। 

आंवले के पानी से आंखें धोने से या गुलाबजल डालने से आंखें स्वस्थ रहती है – बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें। रोज इस मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें। 

आंखों के हर प्रकार के रोग जैसे पानी गिरना , आंखें आना, आंखों की दुर्बलता, आदि होने पर रात को आठ बादाम भिगोकर सुबह पीस कर पानी में मिलाकर पी जाएं। 

कनपटी पर गाय के घी की हल्के हाथ से रोजाना कुछ देर मसाज करने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है. रात्रि में सोते समय अरण्डी का तेल या शहद आंखों में डालने से आंखों की सफेदी बढ़ती है। 

नींबू एवं गुलाबजल का समान मात्रा का मिश्रण एक-एक घण्टे के अंतर से आंखों में डालने से आखों को ठंडक मिलती है। त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भीगोकर, सुबह छानकर उस पानी से आंखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है। 

आंखों पर चोट लगी हो, जल गई हो, मिर्च मसाला गिरा हो, कोई कीड़ा गिर गया हो, आंख लाल हो, तो दूध गर्म करके उसमें रूई का फुआ डालकर ठंडा करके आंखों पर रखने से लाभ होता है। 

ठंडी ककड़ी या कच्चे आलू की स्लाइस काटकर दस मिनट आंखों पर रखें। पानी अधिक पीएं। पानी कमी से आंखों पर सूजन दिखाई देती हैं। सोने से 3 घंटे पहले भोजन करना चाहिए। ऐसा करने से आंखे स्वस्थ रहती हैं। 

श्याम तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिन तक आंखों में डालने से रतौंधी रोग में लाभ होता है। इस प्रयोग से आंखों का पीलापन भी मिटता है। 

केला, गन्ना खाना आंखों के लिए हितकारी है। गन्ने का रस पीएं। एक नींबू एक गिलास पानी में पीते रहने से जीवन भर नेत्र ज्योति बनी रहती है। 

प्रतिदिन भोजन के साथ 50 से 100 ग्राम मात्रा में पत्तागोभी के पत्ते बारीक कतर कर, इन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च बुरकर, खूब चबा-चबाकर खाएं। 

योग आंखों की समस्याओं को शारीरिक नहीं बल्कि मनोकायिक (जो मन से शुरू होकर शरीर पर आता है) मानता है। यौगिक क्रियाएं आंखों की समस्या के निदान एवं चश्मे से छुटकारा में काफी कारगर हैं। आइए देखैं कौनसे आसान करने से आपको लाभ होगा। 

पद्मासन, सिद्धासन, वज्रासन या कुर्सी पर आराम से बैठ जाएं। रीढ़, गला व सिर को सीधा कर लें। दाएं हाथ को कंधों की ऊंचाई तक सामने की ओर फैलाएं। अंगूठे को ऊपर की ओर उठाएं। आधी खुली आंखों से अंगूठे पर अपनी दृष्टि को एकाग्र करें। लगभग एक मिनट तक इस क्रिया को करने के बाद आंखों को एक मिनट के लिए बंद रखें। इसके बाद पुन: इस क्रिया को दोहराएं। इसे 5 बार करें। 

हाथों को कंधों की ऊंचाई तक शरीर के अगल-बगल उठाएं। अंगूठों को ऊपर की ओर रखें। सिर एवं चेहरे को बिना घुमाए हुए आंखों को बाएं हाथ के अंगूठे पर, फिर दाएं हाथ के अंगूठे पर केंद्रित करें। हर तरफ 15-15 सेकेंड तक दृष्टि केंद्रित करें। इसे 15 से 20 बार करें। इसके बाद 2 मिनट तक आंखों को हल्की बंद कर उन्हें विश्रम दें। 

सिर एवं चेहरे को बिल्कुल स्थिर रखते हुए आंख की दोनों पुतलियों को बिना पलक झपकाएं ऊपर की ओर तब तक रखें जब तक आंखों में पानी न आ जाए। इसके बाद पुतलियों को नीचे की ओर, फिर दायीं ओर और अंत में बायीं ओर ले जाएं। चारों तरफ करने के बाद पुतलियों को घड़ी की सुई की दिशा में तथा विपरीत दिशा में गोल-गोल घुमाएं। इसके बाद आंखों को 2 मिनट के लिए हल्की बंद कर उन्हें पूर्णतया विश्राम करने दें। 

दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में अच्छी तरह रगड़ें। इसके बाद हथेलियों को बंद आंखों पर रखें। इस क्रिया से अल्फा तरंगें आंखों के अंदर प्रवेश कर आंखों को शिथिल कर उन्हें आराम पहुंचाती हैं। Posted at 15 Nov 2018 by admin
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