एलर्जी या अति संवेदनशीलता आज की लाइफ में बहुत तेजी से बढ़ती हुई सेहत की बड़ी परेशानी है कभी कभी एल.....
 
एलर्जी
एलर्जी या अति संवेदनशीलता आज की लाइफ में बहुत तेजी से बढ़ती हुई सेहत की बड़ी परेशानी है कभी कभी एलर्जी गंभीर परेशानी का भी सबब बन जाती है जब हमारा शरीर किसी पदार्थ के प्रति अति संवेदनशीलता दर्शाता है तो इसे एलर्जी कहा जाता है।

एलर्जी के कारण –
एलर्जी किसी भी पदार्थ से ,मौसम के बदलाव से या आनुवंशिकता जन्य हो सकती है एलर्जी के कारणों में धूल ,धुआं ,मिटटी पराग कण, पालतू या अन्य जानवरों के संपर्क में आने से ,सौंदर्य प्रशाधनों से ,कीड़े बर्रे आदि के काटने से,खाद्य पदार्थों से एवं कुछ अंग्रेजी दवाओ के उपयोग से एलर्जी हो सकती है सामान्तया एलर्जी नाक ,आँख ,श्वसन प्रणाली ,त्वचा व खान पान से सम्बंधित होती है किन्तु कभी कभी पूरे शरीर में एक साथ भी हो सकती है जो की गंभीर हो सकती है।

एलर्जी से बचाव -
एलर्जी से बचाव ही एलर्जी का सर्वोत्तम इलाज है इसलिए एलर्जी से बचने के लिए इन उपायों का पालन करना चाहिए

1. य़दि आपको एलर्जी है तो सर्वप्रथम ये पता करें की आपको किन किन चीजों से एलर्जी है इसके लिए आप ध्यान से अपने खान पान और रहन सहन को वाच करें।
2. घर के आस पास गंदगी ना होने दें।
3. घर में अधिक से अधिक खुली और ताजा हवा आने का मार्ग प्रशस्त करें।
4. जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है उन्हें न खाएं।
5. एकदम गरम से ठन्डे और ठन्डे से गरम वातावरण में ना जाएं।
6. बाइक चलाते समय मुंह और नाक पर रुमाल बांधे,आँखों पर धूप का अच्छी क़्वालिटी का चश्मा लगायें।
7. गद्दे, रजाई,तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय समय पर गरम पानी से धोते रहे।
8. रजाई ,गद्दे ,कम्बल आदि को समय समय पर धूप दिखाते रहे।
9. पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें।
10 ज़िन पौधों के पराग कणों से एलर्जी है उनसे दूर रहे।
11 घर में मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें समय समय पर साफ सफाई करते रहे।
12 धूल मिटटी से बचें ,यदि धूल मिटटी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाये तो फेस मास्क पहन कर काम करें। Posted at 23 Apr 2020 by admin
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