bhartiya sanskriti and hindu religion related devotional and inspiral contents for devotion like story, shri raamcharit manas, shrimad bhagwat geeta all in hindi language
 
श्री महाराणा प्रताप सिंह जी
नाम - कुँवर प्रताप जी (श्री महाराणा प्रताप सिंह जी) जन्म - 9 मई, 1540 ई. जन्म भूमि - कुम्भलगढ़, राजस्थान पुण्य तिथि - 29 जनवरी, 1597 ई. पिता - श्री महाराणा उदयसिंह जी माता - राणी जीवत कँवर जी राज्य - मेवाड़ शासन ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

दत्तात्रेय
भगवान दत्तात्रेय ब्रह्माजी के मानस पुत्र ऋषि अत्रि के पुत्र हैं। इनकी माता का नाम अनुसूइया था। कई ग्रंथों यह बताया गया है कि ऋषि अत्रि और अनुसूइया के तीन पुत्र हुए। ब्रह्माजी के अंश से चंद्र..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

श्री महाराजा गंगा सिह जी
श्री महाराजा गंगा सिह जी करणी माता के प्रति बहुत श्रद्धा रखते थे श्रद्धा इतनी रखते थे की वे करणी माता की जोत अपनी हथलियो पर करते थे तथा करणी माता भी उन्हे साक्षात दर्शन देती थी तथा उनकी मदद भी ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

देवर्षि नारद
नारद मुनि हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक है। उन्होने कठिन तपस्या से ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया है। वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते है। \ ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

भगवान राम के पूर्वज असमंजस
आठारह पुराणों में से परम पवित्र पुराण है श्रीमद्भागवत महापुराण। इस महापुराण में भगवान विष्णु के अवतार और श्रीकृष्ण की लीला कथाओं के अलावा भगवान के भक्त और उनकी मुक्ति की कथाएं भी मौजूद हैं। ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

भक्त कुम्भनदास जी
एक भक्त थे कुम्भनदासजी जो गोवर्धन की तलहटी में रहते थे । एक बार की बात है कि भक्त कुम्भनदास जी भगवान श्रीनाथजी के पास गये और उन्हें जाकर देखा कि श्रीनाथजी अपना मुँह लटकाये बैठे हैं । कुम्भनदा..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

श्री कृष्ण भक्त अर्जुन
ये कथा द्वापरयुग की है , जब भगवान श्री कृष्ण धरती पर अवतार लेकर लीला कर रहे थे , और उस समय द्वारिका के राजा थे।भगवान भोलेनाथ श्री कृष्ण लीला का दर्शन करते हुए ,एक दिन कैलाश पर ध्यान मग्न बैठे थे ।..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

मीराबाई
कृष्णभक्ति शाखा की हिंदी की महान कवयित्री मीराबाई का जन्म संवत् १५७३ में जोधपुर में चोकड़ी नामक गाँव में हुआ था। इनका विवाह उदयपुर के महाराणा कुमार भोजराज जी के साथ हुआ था। ये बचपन से ही कृष्ण..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

संत रैदास जी
एक बार भक्तिमति मीराबाई को किसी ने ताना माराः "मीरा ! तू तो राजरानी है। महलों में रहने वाली, मिष्ठान्न-पकवान खाने वाली और तेरे गुरु झोंपड़े में रहते हैं। उन्हें तो एक वक्त की रोटी भी ठीक से नहीं ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

कृष्ण भक्त रसखान जी
श्रीकृष्ण के भक्त रसखान एक मुसलमान व्यक्ति थे । एक बार वो अपने उस्ताद के साथ मक्का मदीना, हज पर जा रहे थे। उनके उस्ताद ने कहा - देखो हिन्दुओं का तीर्थ स्थल वृन्दावन आने बाला है, वहाँ एक काला नाग ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

श्री रामचरीत् मानस् के रचियता "तुलसीदासजी"
प्रयाग के पास बाँदा जिले में राणापुर नामक एक ग्राम है। वहाँ आत्माराम दुबे नाम के एक प्रतिष्ठित सरयूपारीण ब्राह्मण रहते थे। उनकी धर्मपत्नी का नाम हुलसी था। संवत्‌ 1554 की श्रावण शुक्ल सप्तमी क..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

शयमानंदजी
एक बार श्री कृष्ण दास के मन में इच्छा जागी कि वे निकुंज में श्री राधा एवं श्री राधा रमण कि सेवा करें उन्होंने अपनी इच्छा श्री जीव गोस्वामी को बताई श्री जीव ने उन्हें मानसी सेवा में, निशांत लीला ..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

श्री हरिदासजी ठाकुर
श्री हरिदास ठाकुर जी अब बहुत वृद्ध हो गए हैं, तो भी नित्य तीन लाख नाम जाप करते है। एक दिन गोबिंद हरिदास जी को श्री जगन्नाथ जी का महाप्रसाद देने गए, तो देखा कि वे लेटे- लेटे धीरे-धीरे हरिनाम कर रह..........
Posted at 29 Oct 2018 by admin

Load More...