तुलसीदासजी ने कब व कितने दिनों में लिखी श्रीरामचरितमानस? यूं तो हिंदू धर्म में अनेक पुराण व ग्र.....
 
श्रीरामचरितमानस
तुलसीदासजी ने कब व कितने दिनों में लिखी श्रीरामचरितमानस?

यूं तो हिंदू धर्म में अनेक पुराण व ग्रंथ हैं, लेकिन उन सभी में श्रीरामचरित मानस का अपना विशेष स्थान है। इस ग्रंथ में भगवान श्रीराम के जीवन का बहुत ही सुंदर वर्णन मिलता है। अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी (इस बार 16 दिसंबर, बुधवार) को ही तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना की थी। श्रीरामचरित मानस व गोस्वामी तुलसीदासजी के बारे में ऐसी अनेक बातें हैं, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं। आज हम आपको वही बातें बता रहे हैं-

भगवान शिव के कहने पर की काव्य रचना
श्रीरामचरित मानस के अनुसार, एक रात जब तुलसीदासजी सो रहे थे तब उन्हें सपना आया। सपने में भगवान शंकर ने उन्हें आदेश दिया कि तुम अपनी भाषा में काव्य रचना करो। तुरंत ही तुलसीदासजी की नींद टूट गई और वे उठ कर बैठ गए। तभी वहां भगवान शिव और पार्वती प्रकट हुए और उन्होंने कहा- तुम अयोध्या में जाकर रहो और हिंदी में काव्य रचना करो। मेरे आशीर्वाद से तुम्हारी रचना सामवेद के समान फलवती होगी। भगवान शिव की आज्ञा मानकर तुलसीदासजी अयोध्या आ गए।


ऐसे संपूर्ण हुई श्रीरामचरित मानस
संवत् 1631 को रामनवमी के दिन वैसा ही योग था जैसा त्रेतायुग में रामजन्म के समय था। उस दिन सुबह तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। 2 वर्ष, 7 महीने व 26 दिन में ग्रंथ की समाप्ति हुई। संवत् 1633 के अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को इस ग्रंथ के सातों कांड पूर्ण हुए और भारतीय संस्कृति को श्रीरामचरितमानस के रूप में अमूल्य निधि प्राप्त है। Posted at 14 Nov 2018 by admin
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