मनुष्य जाती में भुत, प्रेत, पिशाच, वैताल, डाकिनी इत्यादि, जातियों का अस्तित्व प्राचीन काल से ही ह.....
 
हिन्दू धर्म के अनुसार विद्यमान परा शक्तियां
मनुष्य जाती में भुत, प्रेत, पिशाच, वैताल, डाकिनी इत्यादि, जातियों का अस्तित्व प्राचीन काल से ही हैं, परन्तु ये सभी परा शक्तियां हैं । जिस प्रकार हवा को नहीं देखा जा सकता हैं, परन्तु हवा वास्तव में विद्यमान हैं, उसी प्रकार ये मनुष्येतर जातियां भी आदि काल से अस्तित्व में हैं । इन सभी को समस्त भूतो के नाथ भगवान् भूतनाथ शिव का अनुचर माना जाता हैं तथा इनकी पत्नियाँ भुतिनी, प्रेतनी, पिसाचिनी, वैतालिनी आदि भगवान् भूतनाथ के पत्नी शिवा के अनुचरी माने जाते हैं । भगवान् शिव तथा भगवती शिवा के अनुचरी होने के परिणामस्वरूप ये सभी दैवी, दिव्य तथा अलौकिक शक्तिओ से सम्पन्न हैं, अपने तथा अपने स्वामी शिव-शिवा के भक्तो की अभिलाषाओ को पूर्ण करने में समर्थ हैं । इन सभी की आराधना सहस्त्रो वर्षो से हिन्दू धर्म में व्याप्त हैं तथा आज भी की जाती हैं । हिन्दू धर्म के प्रकार के अलौकिक शक्तिओ से पूर्ण हैं, जिस के प्रभाव से मनुष्य अपने नाना प्रकार के कामनाओ को पूर्ण कर सकता हैं । इंद्रजाल के तहत कई प्रकार के अचंभित कर देने वाली शक्तियां विद्यमान हैं, जिन्हे जादू कहा जाता हैं । वही काल जादू या मारन, वशीकरण, स्तंभन, उच्चाटन, मोहन इत्यादि काला जादू के श्रेणी में आते हैं । तंत्रो में व्याप्त कई प्रकार की साधनायें जातक को ईच्छित भोग प्रदान करने में समर्थ हैं । मनुष्यो की तरह ही, देह धरी तथा विवेकशील, देवता, यक्ष, नाग, किन्नर, राक्षस, नायिका, पिसाच, डाकिनी, भूत, प्रेत होते हैं । परन्तु ये सभी अपने स्वाभाविक या प्रकिर्तिक गुणों के अनुसार, मनुष्यो से अलग हैं तथा अपने अंदर विशेष प्रकार के भिन्न भिन्न प्रकार के अलौकिक शक्तिओ को समाहित किया हुए हैं । इनके निवास स्थान अलग अलग विद्यमान हैं; मनुष्य जैसे भूमि या पृथ्वी के वासी हैं, वैसे ही देवता स्वर्ग लोक के, गन्धर्व, गन्धर्व लोक के, नाग, नाग लोक के जो पाताल या पृथ्वी के अंदर हैं, सभी से सम्बंधित अलग अलग लोक हैं, जो पाताल, आकाश, वायु तथा पृथ्वी में स्थित हैं । हिन्दू धर्म के अनुसार, ये सभी प्राणी भी अलग अलग दाईत्व का निर्वाह करते हैं तथा मनुष्यो को ईच्छित भोग प्रदान करते हैं । भूत-प्रेत, पिसाच, डाकिनी, योगिनिओ का सम्बन्ध भोग तथा जादुई तथा अलौकिक शक्तिओ से हैं, तथा अचंभित कर देने वाले कृत्यों के संचालक हैं ।Posted at 23 Apr 2020 by admin
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