1. क्यों हैं शिव की तीन आंखें? आपके मन में भी यह सवाल जरुर उठा होगा कि भगवान शिव को त्रिनेत्रधारी .....
 
शिवजी
1. क्यों हैं शिव की तीन आंखें? आपके मन में भी यह सवाल जरुर उठा होगा कि भगवान शिव को त्रिनेत्रधारी क्यों कहते हैं और उनकी यह इस तीसरी आंख किस चीज की प्रतीक है। दरअसल, आंखों का काम होता है रास्ता दिखाना। जीवन में कई बार ऐसे संकट आते हैं, जिन्हें हम समझ नहीं पाते। ऐसे में विवेक और धैर्य ही सच्चे मार्गदर्शक के रूप में हमें सही-गलत की पहचान कराते हैं। भगवान शिव की तीसरी आंख, आज्ञा चक्र का स्थान है। यह आज्ञा चक्र ही विवेक बुद्धि का स्रोत है। यही हमें विपरीत परिस्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। 2. शरीर पर भस्म क्यों लगाते हैं शिव? एक ओर जहां सभी देवी-देवता वस्त्र-आभूषणों से सुसज्जित हैं, वहीं भगवान शंकर सिर्फ मृग छाल लपेटे और भस्म लगाए रहते हैं। भगवान शिव के शरीर पर भस्म लगाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि भस्म, शरीर के रोम छिद्रों को बंद कर देती है। इससे शरीर को गर्मी में गर्मी और सर्दी में सर्दी नहीं लगती। भस्म त्वचा संबंधी रोग में दवा का काम भी करती है। भस्मधारण करने वाले शिव यह संदेश भी देते हैं कि परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको ढालना मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है। 3. त्रिशूल धारण क्यों करते हैं शिव? वैसे तो त्रिशूल, संहार का प्रतीक है लेकिन इसका वास्तविक अर्थ बहुत गहरा है। त्रिशूल को देखें तो उसमें 3 नुकीले सिरे होते हैं। यह संसार की 3 प्रवृत्तियों- सत, रज और तम का प्रतीक है। सत मतलब सात्विक, रज मतलब सांसारिक और तम मतलब तामसी। हर मनुष्य में ये तीनों प्रवृत्तियां पाई जाती हैं। त्रिशूल के माध्यम से भगवान शिव यह संदेश देते हैं कि इन गुणों पर हमारा पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए। 4. शिव के मस्तक पर चंद्रमा क्यों है? ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना गया है। मन की प्रवृत्ति बहुत चंचल होती है। भगवान शिव द्वारा चंद्रमा को धारण करने का अर्थ है कि मन को सदैव अपने काबू में रखना चाहिए। मन भटकेगा तो लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाएगी। 5. गले में नाग धारण क्यों करते हैं शिव? देखा जाए तो नाग बहुत ही खतरनाक प्राणी है, लेकिन वह बिना कारण किसी को नहीं काटता। कुछ लोग डरकर या अपने निजी स्वार्थ के लिए नाग को मार देते हैं। लेकिन भगवान शिव नाग को गले में धारण कर यह संदेश देते हैं कि जीवन चक्र में हर प्राणी का अपना विशेष योगदान है। इसलिए बिना वजह किसी प्राणी की हत्या न करें। 6. भगवान शंकर का वाहन बैल क्यों है? बैल बहुत ही मेहनती जीव है। वह शक्तिशाली होने के बावजूद शांत और भोला होता है। वैसे ही भगवान शिव भी परमयोगी और शक्तिशाली होते हुए भी परम शांत और इतने भोले हैं कि उनका एक नाम ही भोलेनाथ जगत में प्रसिद्ध है। यही वजह है कि नंदी बैल शिव को बेहद प्रिय है और वह उनका वाहन भी है।Posted at 14 Nov 2018 by admin
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