एक बार एक अजनबी किसी के घरगया। वह अंदरगया और मेहमान कक्ष मे बैठ गया। वहखाली हाथआया था तो उसने सो.....
 
सच्ची भेंट
एक बार एक अजनबी किसी के घरगया। वह अंदरगया और मेहमान कक्ष मे बैठ गया। वहखाली हाथआया था तो उसने सोचा कि कुछउपहार देना अच्छा रहेगा।

तोउसने वहा टंगी एक पेन्टिंग उतारीऔर जब घर का मालिकआया, उसने पेन्टिंग देते हुए कहा, यह मैआपके लिएलाया हुँ। घर का मालिक, जिसे पताथा कि यह मेरी चीजमुझे ही भेंट दे रहा है, सन्न रह गया

अब आप ही बताएं कि क्या वह भेंटपा कर, जो कि पहलेसे ही उसका है, उस आदमी को खुशहोना चाहिए ??मेरे ख्याल से नहीं....

लेकिन यही चीज हम भगवान के साथभी करते है। हमउन्हे रूपया, पैसा चढाते है और हर चीजजो उनकी ही बनाईहै, उन्हें भेंट करते हैं! लेकिनमन मे भाव रखते है की ये चीज मैभगवान को दे रहा हूँ!और सोचते हैं कि ईश्वर खुश होजाएगें। मूर्ख है हम!

हम यह नहीं समझते कि उनको इन सबचीजो कि जरुरतनही। अगर आप सच मे उन्हे कुछ देनाचाहते हैंतो अपनी श्रद्धा दीजिए, उन्हे अपनेहर एक श्वास मे यादकीजिये औरविश्वास मानिए प्रभु जरुर खुशहोगा !!

अजब हैरान हूँ भगवनतुझे कैसे रिझाऊं मैं;कोई वस्तु नहीं ऐसीजिसे तुझ पर चढाऊं मैं ।

भगवान ने जवाब दिया :" संसार कीहर वसतु तुझे मैनें दी है। तेरे पास अपनीचीज सिरफ तेरा अहंकार है, जो मैनेंनहीं दिया ।उसी को तूं मेरे अरपण कर दे। तेराजीवन सफल होगा।Posted at 15 Nov 2018 by admin
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