दो बहने चक्की पर गेहूं पीस रही थी पीसते पीसते एक बहन गेहूं के दाने खा भी रही थी। दूसरी बहन उसको बी.....
 
समय रहते भजन करो
दो बहने चक्की पर गेहूं पीस रही थी पीसते पीसते एक बहन गेहूं के दाने खा भी रही थी। दूसरी बहन उसको बीच बीच में समझा रही थी। देख अभी मत खा घर जाकर आराम से बेठ कर चोपड़ कर चूरी बनाकर खायेंगे लेकिन फिर भी दूसरी बहन खा भी रही थी। पीस भी रही थी। कुछ देर बाद गेहूं पिस कर कनस्तर में डालकर दोनों घर की तरफ चल पड़ी। अचानक रास्ते में कीचड़ में गिरने से सारा आटा खराब हो गया।
इस पर कबीर दास जी ने लिखा है :-
कबीर आटो पडयो कीच में। कछु न आयो हाथ। ।
पीसत पीसत चाबयो। सो ही निभयो साथ। ।
अर्थात समस्याओं से भरे जीवन में रहते हुवे ही उस सच्चे परमात्मा और वाहेगुरु से अपनी प्रीत लगाये रखनी है । न की अच्छा समय आने का इंतज़ार करना है। गुरु संग की गया प्रीत और परतीत अंत समय साथ निभायेगीPosted at 23 Apr 2020 by admin
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