।।ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद उद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।। इस बटुक भैरव मंत्र
 
|| बटुक भैरव मंत्र ||
।।ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद उद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।।


इस मंत्र के जप से आरोग्य की वृद्धि होती है. अकाल मृत्यु से रक्षा होती है. केस मुकदमे में राहत मिलती है. शत्रुऒं पर विजय मिलती है.

जप विधि:

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें. वस्त्र लाल या काला हो तो अच्छा.
- इसके बाद भगवान कालभैरव की तस्वीर या मूर्ति की पंचोपचार पूजा करें. मदिरा अवश्य चढ़ाएं.
- इसके बाद आसन पर बैठ जाएं व रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम एक माला अवश्य जप करें.
।।इति संपूर्णंम्।।
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